सहानुभूति क्या है? - Sympathy

Sympathy (सहानुभूति) - 

मनुष्य जाति के लिए सहानुभूति एक आवश्यक गुण है। ये गुण अन्य जीवो में भी होता है। कभी कभी आपने इंटरनेट पर वायरल वीडियो देखे होंगे की एक जीव के दुखी होने से दूसरा भी दुखी प्रतीत होता है। 
दूसरे के दुःख को बिना किसी दिखावे या छल, कपट के उसे महसूस करना सहानुभूति है। जब हमारे दुःख या बुरे समय में कोई अन्य व्यक्ति सहानुभूति के साथ खड़ा होता है। तो वो डूबते के लिए तिनके जैसा होता है। 

सहानुभूति का अर्थ - 

दूसरों के दुखों या पीड़ाओं को अपने स्तर पर महसूस करने की योग्यता को सहानुभूति कहते है। सहानुभूति एक मनुष्य को अन्य दूसरे का बुरे समय में सहयोगी बनाती है। 

अन्य जीवो में सहानुभूति होती है लेकिन वो अपने स्तर जितना प्रदर्शित कर सकते है उतना ही कर पाते है। जैसे की 
अगर आप कष्ट में है तो आपके पालतू जानवर भी दुखी प्रतीत होते है चाहे वह गाय, तोता, बन्दर, कुत्ता आदि। कभी कभी ये जीव सहायता करने की कोशिश भी करते है। जैसे की अगर आप अपनी पालतू जानवर के सामने तालाब में डूबने का नाटक करेंगे तो वो तुरंत आपकी सहायता के लिए दौड़ते है। 

दूसरों के प्रति सहानुभूति तभी प्रकट होती है जब कोई अन्य साथी व्यक्ति अपना कर्तव्य करते हुए अगर दुर्घटनाग्रस्त होता है, या उसके साथ प्राकर्तिक या सामाजिक आपदा आती है। 

अगर आपके मन में किसी साथी अपराधी के प्रति सहानुभूति पैदा हो रही है, तो अपराधी के प्रति झुकाव रखने से पहले उसके सही-गलत तथ्यों पर अलग अलग स्रोतों से जानकारी ले। किसी भी प्रकार की धारणा सही न्याय नहीं करने देती। इसलिए अपराधी के प्रति धारणाओं से दूर रहे। जैसा की कोर्ट के जज करते है।  

सहानुभूति क्या है? - Sympathy


सावधान -

समाज में कुछ लोग छल कपट के द्वारा झूठा दुःख दिखाते है जिसे मीडिया विक्टिम कार्ड कहती है। और वे आपकी सहानुभूति का गलत फायदा या वे अपने स्वार्थ या अपनी कट्टरता को साधने के लिए भी करते है। 

नहीं तो वच्चों वही पंचतंत्र की कहानी की तरह होगी जिसमे एक शेर सोने का कड़ा लेकर मिट्टी के दलदल में खड़ा हो जाता है और आने जाने वाले लोगो को सहायता के लिए पुकारता है। कभी वह अपनी बुढ़ापे से पैदा असमर्थता के बारे में बताता है तो कभी सोने का कड़ा देने का लालच देता है। और जो भी व्यक्ति सहानुभूति या लालच के आवेश में सहायता करता है वह उसे दलदल में मार कर खा जाता है।

समाज में मनुष्य को भी  सहानुभूति उसी प्रकार रखनी करनी चाहिए जैसे की ज्यादातर शाकाहारी जीव अन्य मांसाहारी जीव के प्रति इस्तेमाल रखते है। ज्यादातर शाकाहारी जीव अन्य मांसाहारी जीवो से सावधान रहते है। और उनपर विश्वास नहीं करते है। 
 
इसलिए सहानुभूति सिर्फ उसके प्रति रखे जो  कर्तव्य का पालन करते हुए दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो, किसी अपराध का शिकार हुआ हो, या प्राकर्तिक आपदा ने घेर लिया हो आदि जैसे कारण हो। 

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