नैतिकता का प्रमुख उद्देश्य क्या है? Naitikta ka uddeshya

जैसा की आप जानते है की नैतिकता का अर्थ नीति शास्त्र का ज्ञान एवं उसके अनुरूप किया जानेवाला आचरण होता है। अब आप सोचेंगे की नीतिशास्त्र  क्या होता है? तो यहाँ हम नीतिशास्त्र से हम समझ सकते है की एक ऐसा शास्त्र या विज्ञान जिसमे व्यवहारदर्शन, नीतिदर्शन, नीतिविज्ञान और आचारशास्त्र शामिल हो या सीधे सीधे शब्दों में समझे तो अच्छा और बुरा, सही और गलत, गुण और दोष, न्याय और जुर्म जैसी अवधारणाओं को परिभाषित करके सरल शब्दों में समझाना या ज्ञान देना होता है। 

अर्थात नीतिशास्त्र मानवीय नैतिकता के प्रश्नों को सुलझाने का प्रयास करता हैं।

नैतिकता का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

  • नैतिकता का मुख्य उदेश्य हम इन विन्दुओं के द्वारा समझ सकते है। 
  • देश की अखंडता को बनाये रखने के लिए वहां के लोगो को देशभक्ति का महत्त्व समझाना। 
  • देश के प्रत्येक व्यक्ति में साहस या हिम्मत पैदा करना। 
  • धर्म से पहले देश होता है इस भावना का प्रचार प्रसार करना जिससे कट्टरता न बढे। 
  • देश के लोगो में अभय या डर का समाप्त करना 
  • नैतिकता से ही नेतृत्व पैदा होता है। क्युकी जिस नेता या लीडर में नैतिकता नहीं होती उसका सर्वनाश या पतन जल्दी हो जाता है। 
  • अहिंसा को धारण करना सिखाना। 
  • देश के लोगो में आत्मविश्वास पैदा करना 
  • सही और गलत की पहचान करवाना ताकि जीवन में गलत कार्यो में पड़ने से बच सके। 
  • गुण और दोष को समझने की कला विकसित करना। 
  • नैतिकता ही हमें सीखाती है की किसी भी व्यक्ति के लिए पहले उसका देश होता है, फिर समाज होता है और अंत में उसका धर्म या संप्रदाय होता है। 
  • कर्तव्य का पालन करना
  • उदारवादी बनना 
  • आज्ञापालन बनना 
  • ईमानदारी धारण करना। 
  • अपना उत्तरदायित्व जिम्मेदारी से निभाना। 
नैतिकता का प्रमुख उद्देश्य क्या है? Naitikta ka uddeshya



नैतिकता का मुख्य उदेश्य इन नीचे दिए गए गुणों को पैदा करना होता है। 
  • अभय
  • नेतृत्व
  • संयम
  • देशभक्ति / देश-प्रेम
  • अहिंसा
  • अपरिग्रह
  • अस्तेय
  • आस्तिकता
  • आदरभाव
  • आज्ञापालन
  • आत्मविश्वास
  • आत्मानुशासन
  • ईमानदारी
  • उत्तरदायित्व
  • उदारता
  • करुणा
  • कर्मठता
  • कल्पनाशीलता
  • कर्तव्यपरायणता
  • गुरुभक्ति
  • गतिशीलता
  • त्याग
  • दया
  • दान
  • दृढ़ता
  • धैर्य
  • निष्पक्ष्ता
  • नम्रता
  • प्रेम
  • परोपकार
  • कृतज्ञता
  • नियमितता
  • पवित्रता
  • वलिदान
  • भाईचारा
  • मित्रत्रा
  • विनय
  • विश्वन्धुत्व
  • स्वच्छता
  • साहस या निडरता
  • सहानुभूति
  • संवेदना
  • सदाचार
  • स्वतंत्रता
  • समानता
  • सहिष्णुता
  • स्नेह
  • सादगी
  • सहयोग
  • समन्वय
  • सेवा
  • शिष्टाचार
  • श्रमनिष्ठा
  • क्षमा
  • ज्ञान

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