अगर आपको श्रीमान और श्रीमती का अर्थ पता नहीं है तो यह बात आपको पता होनी चाहिए, ताकि आप बच्चो को ये जानकारी दे सके।
श्रीमान और श्रीमती का अर्थ -
श्री का अर्थ - शक्ति
मान का अर्थ - मान और सम्मान
मति का अर्थ - बुध्दि
तो श्रीमान का अर्थ -
श्रीमान परिवार के मुखिया के आगे लगाया जाता है अर्थात परिवार के मुखिया के साथ शक्ति और मान, सम्मान बना रहे।
इसलिए जिस परिवार के बच्चे चाहते है कि उनके पिता, दादा जी के साथ शक्ति और मान, सम्मान बना रहे, वे आदर से उनके नाम से पहले श्रीमान अवश्य लगाते है।
क्युकी -
जिस परिवार में पिता का सम्मान और शक्ति घर में ही नहीं होता है। उनका मान, सम्मान और शक्ति समाज में भी नहीं होती है। अर्थात शक्ति को अगर मान नहीं दोगे तो वह दिन व् दिन कमजोर होगी, ऐसा परिवार गृह क्लेश से घिर जाता है।
श्रीमती का अर्थ -
जैसा की आप जानते है कि श्री का अर्थ शक्ति, और मति का अर्थ बुध्दि होता है।
इसलिए जिस परिवार के बच्चे चाहते है कि उनकी माता, दादी आदि स्त्रियों के साथ शक्ति और सुबुद्धि रहे, वे हमेशा श्रीमति का उनके नाम से पहले आदर के साथ लगाते है।
क्युकी -
जिस परिवार में शक्ति को सुबुद्दि नहीं होती, वहां उस परिवार में शक्ति अनियंत्रित होकर मान, सम्मान, सुख, और प्रेम को नहीं सहेज पाती है। इसलिए शक्ति के साथ सुमति का होना अति आवश्यक है।
आशा है, आपको श्रीमान और श्रीमति का अर्थ समझ आ गया होगा। अगर किसी इससे सम्बन्धित कोई अन्य प्रश्न हो तो कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है।

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